kosare Maharaj

kosare maharaj, kosaremaharaj,किसी भी मनुष्य के अंदर जन्म से ही अनेकों खूबियां होती है , समय उन खूबियों को धीरे-धीरे बाहर निकालता है। प्रकृति से मनुष्य बहुत कुछ सीखता है। जिस प्रकार एक कोहरा मानव को सीख देता है जब जीवन की ऐसी स्थिति में खड़े हो , जब आगे – पीछे , दूर तक कुछ दिखाई ना दे। ऐसी स्थिति में आप एक एक कदम सोच समझ कर चले। जो आपको सही गंतव्य तक पहुंचाने में मदद करेगा *हे कोरोना, तूं पूरी दुनिया में मौत का तांडव कर रहा है पर सचमुच में, तूने जीवन का सार समझा दिया है* *अमीर-गरीब, छोटा-बड़ा, स्त्री-पुरुष, धर्म-जाति, श्रेत्र-देश, राज़ा-रंक, कोई भेदभाव नहीं, सब एक समान हैं!* *असली धर्म इंसानियत है! निस्वार्थ भाव से, निष्काम कर्म, सच्चाई, ईमानदारी, निर्मल प्रेम, मधुर वाणी, सद्भाव, भाईचारा, परोपकार करना ही सर्वश्रेष्ठ है!!* ( कोसारे महाराज )

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